• अंतिम अपडेट किया गया: Nov 28 2020 12:23PM

प्रमुख ,सीएसआईआर-एचआरडीजी

 

श्री ए. चक्रवर्ती, वैज्ञानिक एचएवं प्रमुख-एचआरडीजी, डीजीटीसी, एचआरडीसी एवं आरएबी
संक्षिप्त जीवन-वृत्त

श्री ए. चक्रवर्ती ने भारत के सबसे बड़े अनुसंधान संगठन, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) में वर्ष 1987 में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया । वे अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास भागीदारियों, परियोजना नियोजन प्रक्रियाओं (प्रोजेक्ट प्लानिंग प्रोसेसिस) का विकास करने, जिसमें अनुबंध समझौते भी शामिल हैं, बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) का प्रबन्धन करने तथा वैज्ञानिक कूटनीति से नजदीकी से जुड़े रहे है । वर्ष 2009 में वे सीएसआईआर के अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्य निदेशालय (इस्टैड) के प्रमुख बने । उन्होंने अनेक द्विपक्षीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत और सीएसआईआर का प्रतिनिधित्व किया है और साथ ही उन्होंने जापान, चीन, सिंगापुर, कोरिया, इज़राइल, यूएसए, इजिप्ट, जर्मनी, फ्रांस, इटली का दौरा भी किया है । वर्तमान में श्री चक्रवर्ती मानव संसाधन विकास समूह (एचआरडीजी), सीएसआईआर के महानिदेशक तकनीकी प्रकोष्ठ, (डीजीटीसी), मानव संसाधन विकास केन्द्र (एचआरडीसी) तथा भर्ती एवं मूल्यांकन बोर्ड (आरएबी) के प्रमुख हैं ।

वर्ष 2011 में श्री चक्रवर्ती को तत्कालीन नवस्थापित भारत-जर्मन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र (आईजीएसटीसी) के संस्थापक निदेशक के रुप में चुना गया । यह केन्द्र द्विपक्षीय भागीदारी के माध्यम से शैक्षणिक समुदाय और उद्योग को परस्पर जोड़ते हुए अनुसंधान परिणामों के रूपांतरण की एक अद्वितीय पहल है । निदेशक, आईजीएसटीसी के रुप में सफल कार्यावधि पूरी करने के बाद उन्होंने जून 2016 में सीएसआईआर में कार्यभार ग्रहण किया ।

भारत सरकार द्वारा वर्ष 1999 में श्री चक्रवर्ती को जर्मनी में पाँच वर्षों के लिए भारत के साइंस काउन्सलर के रूप में चुना गया । अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा के क्षेत्रों में विभिन्न द्विपक्षीय भारत-जर्मन तथा भारत-ईयू कार्यक्रमों को आरंभ करने में श्री चक्रवर्ती का योगदान रहा है ।

श्री चक्रवर्ती के पास सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा प्रौद्योगिकी (संरचनात्मक अभियांत्रिकी) में स्नातकोत्तर डिग्री है । उन्होंने ब्रेडफोर्ड विश्वविद्यालय से बौद्धिक संपदा अधिकारों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम और परियोजना प्रबन्धन में व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरा किया है । अपनी स्नातकोत्तर डिग्री पूरा करने पर और सीएसआईआर में कार्यभार ग्रहण करने से पहले श्री चक्रवर्ती ने 2.5 वर्ष के लिए “टाटा कन्सल्टिंग इंजीनियर्स” नामक एक बड़ी इंजीनियरिंग कन्सल्टिंग कंपनी में कार्य किया जहां वे न्यूक्लिअर पॉवर सिस्टम्स की डिज़ाइन इंजीनियरिंग के कार्य में शामिल थे ।