• अंतिम अपडेट किया गया: May 22 2024 11:38AM
स्वच्छ भारत और डिजिटल इंडिया

भटनागर फेलोशिप

1. उद्देश्य

भटनागर फ़ेलोशिप का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और नवीन प्रौद्योगिकी विकास में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों को पहचानना और सक्षम बनाना है; जिससे राष्ट्र के वैज्ञानिक पदचिह्नों और तकनीकी प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। भटनागर फैलोशिप प्राप्तकर्ताओं को रोल मॉडल के रूप में काम करना चाहिए और युवा वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन करना चाहिए।

2. पात्रता

यह फेलोशिप प्रकाशन, पेटेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सम्मान, पुरस्कार आदि के माध्यम से प्रमाणित किए गए के अनुसार विशेष रूप से पिछले 10 वर्षों के दौरान अग्रणी भारतीय वैज्ञानिकों/प्रौद्योगिकीविदों को उनके चल रहे प्रभावशाली वैज्ञानिक और/अथवा तकनीकी योगदान के सम्‍मान में प्रदान की जाएगी। विदेशी भारतीय नागरिक (ओसीआई) और भारत में काम करने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ) भी इसके पात्र हैं। इस पुरस्कार के विजेता से सीएसआईआर के किसी मिशन अथवा थ्रस्‍ट एरिया प्रोग्राम अथवा सीएसआईआर के हित के किसी क्षेत्र से जुड़ने की उम्‍मीद की जाती है।

3. नामकरण और चयन प्रक्रिया

निम्‍नांकित से उत्कृष्ट वैज्ञानिकों/प्रौद्योगिकीविदों के नाम प्रस्तावित किए जा सकते हैं: i) किसी भी राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इंजीनियरिंग, कृषि, चिकित्सा आदि सहित) के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष। ii) भारतीय विश्वविद्यालयों के कुलपति, iii) सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और अनुसंधान एवं विकास संस्‍थानों जैसे आईआईएससी, आईआईएसईआर, आईआईटी, एम्स, एनआईटी आदि के निदेशक iv) भारत सरकार के विज्ञान विभागों के सचिव, v) प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठनों जैसे डीआरडीओ, इसरो, आईसीएआर, आईसीएमआर, आईएमडी आदि के महानिदेशक, vi) परमाणु ऊर्जा आयोग, यूजीसी, आदि के अध्यक्ष vii) भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसीआई) आदि जैसे औद्योगिक संघों के अध्यक्ष/सभापति और viii) पूर्व भटनागर फैलोशिप प्राप्तकर्ता। स्व-नामांकन/आवेदन स्वीकार्य नहीं हैं।

 

निर्धारित प्रोफार्मा में नामांकन के साथ नामांकित व्यक्ति के () पिछले शोध योगदान और () सीएसआईआर के मिशन अथवा थ्रस्ट एरिया प्रोग्राम अथवा सीएसआईआर के हित के क्षेत्र में भविष्य की कार्य योजना (वैज्ञानिक और/अथवा तकनीकी) संलग्न होनी चाहिए। नामांकन पूरे वर्ष भर स्‍वीकार किये जायेंगे।

भटनागर फेलो के चयन के लिए द्वि-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

पहले स्तर पर, महानिदेशक, सीएसआईआर द्वारा गठित एक स्क्रीनिंग समिति प्रासंगिक नामांकन की जांच करेगी और अल्‍प सूचीबद्ध (शॉर्टलिस्ट) करेगी। दूसरे स्तर पर अल्‍प सूचीबद्ध (शॉर्टलिस्ट) किए गए नामांकन को विचार-विमर्श और सिफारिशों के लिए जॉच एवं चयन समिति (सर्च कम सेलेक्‍शन कमेटी) के समक्ष रखा जाएगा। यह जॉच एवं चयन समिति नामांकन की सूची से बाहर के भी प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर विचार करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

इस जॉच एवं चयन समिति, जिसमें देश अथवा विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योगपति शामिल होंगे, का गठन सीएसआईआर के उपाध्यक्ष द्वारा किया जाएगा। जॉच एवं चयन समिति के सदस्य-सचिव के रूप में महानिदेशक, सीएसआईआर वर्ष में कम से कम एक बार इसकी बैठक  करेंगे/करेंगी। भटनागर फेलोशिप के पुरस्कार के लिए जॉच एवं चयन समिति की सिफारिशों को सीएसआईआर के उपाध्यक्ष के अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। पुरस्कार प्रस्ताव जारी होने की तारीख से छह माह तक के लिए वैध होगा। भटनागर फैलोशिप से सम्मानित उम्मीदवारों के नाम शासी निकाय, सीएसआईआर के समक्ष सूचनार्थ रखे जाएंगे।

4. अवधि

प्रारंभ में भटनागर फ़ेलोशिप की अवधि तीन वर्ष तक के लिए होगी, जिसे उचित मूल्यांकन के बाद दो अतिरिक्त वर्षों तक के लिए बढ़ाया जा सकता है । भटनागर फ़ेलोशिप पूर्णकालिक अनुसंधान एवं विकास कार्य होगा। इसे पुनर्नियोजन नहीं माना जाएगा।

5. फ़ेलोशिप की संख्या

प्रति वर्ष छह तक । एक निश्चित समय में फ़ेलोशिप की अधिकतम संख्या तीस तक सीमित होगी।

6. कार्य का स्थान

यह फ़ेलोशिप भारत में मान्य है और इसे किसी भी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान, पंजीकृत सोसायटी, डीएसआईआर से मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं वाले उद्योग और अन्य अनुसंधान एवं विकास संस्थानों/प्रयोगशालाओं में क्रियान्वित किया जा सकता है। मेजबान संस्था को आवश्यक प्रशासनिक और अवसंरचनात्‍मक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। अध्‍येता (फेलो) अपने वर्तमान कार्यस्थल पर अथवा महानिदेशक, सीएसआईआर द्वारा अनुमोदित किसी सीएसआईआर संस्थान/प्रयोगशाला में कार्य कर सकता है।

7. सहयोग की प्रकृति

  • पेंशन प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त पुरस्कार विजेताओं के लिए, फ़ेलोशिप की राशि मूल पेंशन को समायोजित करने के बाद आहरित अंतिम वेतन के बराबर होगी।
  • फ़ेलोशिप के कार्यकाल के दौरान पुरस्कार विजेता किसी भी स्रोत से केवल एक फ़ेलोशिप/मासिक मानदेय आदि का लाभ उठा सकते हैं। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को प्रति वर्ष चालीस लाख रुपये का वार्षिक अनुदान मिलेगा जिसमें योजना के तहत फेलोशिप भी शामिल है।
  • नियमित सेवा अवधि में रहने वाले भटनागर फेलो को फेलोशिप प्रदान नहीं की जाएगी।
  • इसके अतिरिक्‍त, प्रत्येक पुरस्कार विजेता को प्रति वर्ष पच्चीस लाख रुपये तक का सीएसआईआर अनुसंधान परियोजना अनुदान प्राप्त होगा।
  • वार्षिक और अनुसंधान अनुदान का विवरण नीचे अनुदान (क्रम संख्या 8) के अंतर्गत दिया गया है।

8. अनुदान

भटनागर फैलोशिप से संबंधित सभी अनुदान मेजबान संस्थान के माध्यम से जारी किए जाएंगे । मेज़बान संस्था को कोई अतिरिक्त व्यय नहीं दिया जाएगा।

 वार्षिक अनुदान:

  • वार्षिक अनुदान 40 लाख रुपये की उच्‍चतम सीमा तक होगा । मेजबान संस्था कार्यालय स्थान; सचिवालयी सहायता; आवासीय स्‍थान (परिसर में या बाहर पट्टे के आधार पर, यदि अनुरोध किया गया हो); टेलीफोन सुविधा (कार्यालय/निवास); स्टाफ कार या उपयुक्त किराये का वाहन आदि जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी।
  • अध्येताओं (फेलोज़) को फ़ेलोशिप और सुविधाएं प्रदान करने में होने वाला व्यय उनके वार्षिक अनुदान से काटा जाएगा।
  • आयकर नियमों के अनुसार भटनागर फेलोशिप योजना में प्राप्त फेलोशिप कराधीन है।
  • इस योजना में अध्येताओं (फेलोज़) को डीए, एचआरए, सीजीएचएस, एलटीसी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है।
  • भटनागर अध्‍येताओं (फेलोज़) को दी जाने वाली सुविधाएं वास्तविक व्यय के अनुसार निम्नांकित को सीमित तौर पर शामिल करती हैं
  • सचिवालयी सहायता: रु. 45,000 प्रति माह
  • आवासीय स्‍थान: रु. 50,000 प्रति माह
  • टेलीफोन सुविधाएं: 5,000 प्रति माह
  • स्टाफ कार/किराए की गाड़ी: रु. 8,500 प्रति माह

9. यात्रा

घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को मेजबान संस्थान के दिशा-निर्देशों के अनुसार विनियमित किया जाएगा। यात्रा (अंतर्राष्ट्रीय/घरेलू) के तहत प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की राशि सीमित है। यात्रा की श्रेणी आदि के संबंध में वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन किया जाए।

10. असाइनमेंट

पुरस्कार विजेता युवा शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान करने के अतिरिक्‍त, अनुसंधान और विकास परियोजनाओं में सहयोग करके सीएसआईआर वैज्ञानिकों/कर्मचारियों के साथ बातचीत कर सकता है। परियोजना से जुड़ा कोई भी असाइनमेंट, चाहे वह देश के भीतर हो या विदेश में, 45 दिनों से अधिक की अवधि हेतु अनुमोदन के लिए महानिदेशक, सीएसआईआर को भेजा जाएगा। भटनागर अध्येताओं (फेलोज़) को किसी अन्य संगठन से कोई पूर्णकालिक असाइनमेंट लेने की अनुमति नहीं है। इससे संबंधित किसी भी अपवाद को अनुमोदन के लिए महानिदेशक, सीएसआईआर को भेजा जाएगा । तथापि, सेवारत भटनागर अध्येताओं (फेलोज़) को उनके मूल पद के कर्तव्यों और कार्यों का निर्वहन करने की अनुमति दी जा सकती है। भटनागर अध्‍येताओं (फेलोज़) से अपेक्षा की जाती है कि वे छात्रों में वैज्ञानिक सोच सृजित करने के साथ-साथ छात्रों को विज्ञान को करियर के रूप में चुनने के संबंध में प्रेरित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान प्रस्‍तुत करें।

11. खातों का रखरखाव

मेजबान संस्थान भटनागर फैलोशिप अनुदान का लेखा-जोखा रखेगा और वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन माह के भीतर इन्हें जमा करेगा। मेजबान संस्थान सीएसआईआर एचआरडीजी, नई दिल्ली को खातों का लेखापरीक्षित विवरण और उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा। आगामी अनुदान जारी करना आवश्यक वित्तीय विवरणों की प्राप्ति के अधीन होगा।

12. अनुसंधान परियोजना की प्रगति रिपोर्ट/मॉनीटरिंग

अध्‍येता (फेलो) मेजबान संस्थान के माध्यम से सीएसआईआर-एचआरडीजी प्रमुख को सूचित करके प्रभारी वैज्ञानिक (पुरस्कार) को एक वार्षिक प्रगति रिपोर्ट (प्रारूप के अनुसार) (हार्ड/सॉफ्ट) प्रस्तुत करेगा। भटनागर फेलो तीन साल के बाद अगले दो साल की कार्य योजना के साथ एक समेकित कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसका मूल्यांकन आगे की अवधि विस्तार के लिए जॉच एवं चयन समिति द्वारा किया जाएगा।

परियोजना के पूरा होने के बाद, फेलो द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों, प्रकाशनों की सूची, दायर/प्रदत्त पेटेंट, शिक्षित/प्रशिक्षित जनशक्ति, दिए गए व्याख्यान आदि के संक्षिप्त सार के साथ एक अंतिम तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

अनुसंधान और शासन प्रणाली में नैतिकता के लिए भटनागर अध्‍येताओं (फेलोज़) पर सीएसआईआर दिशा-निर्देश लागू होंगे। भटनागर अध्येताओं (फेलोज़) के अनुसंधान कार्य से उत्पन्न बौद्धिक संपदा अधिकार सीएसआईआर के मानदंडों द्वारा शासित होंगे। भटनागर फ़ेलोशिप योजना के नियमों और विनियमों की समीक्षा या संशोधन तब किया जा सकता है जब अध्यक्ष, शासी निकाय, सीएसआईआर की हैसियत से महानिदेश, सीएसआईआर के अनुमोदन से आवश्यक पाया जाए।

मार्गदर्शिकाएँ और प्रारूप

नामांकन आमंत्रित-भटनागर फैलोशिप

सीएसआईआर भटनागर फ़ेलोशिप - सामान्य सलाह

सीएसआईआर भटनागर फैलोशिप के लिए दिशानिर्देश

नामांकन के लिए प्रारूप

प्रोजेक्ट ग्रांट के लिए प्रारूप

 

पूर्ण नामांकन की एक हार्ड कॉपी और एक सॉफ्टकॉपी (पीडीएफ में):

 

वैज्ञानिक प्रभारी - एसएसबी वाईएसए यूनिट

मानव संसाधन विकास समूह

सीएसआईआर कॉम्प्लेक्स, लाइब्रेरी एवेन्यू, पूसा

नई दिल्ली 110 012

ई-मेल:ssb[at]csirhrdg[dot]res[dot]in

 

किसी भी संशय या स्पष्टीकरण के मामले में केवल अंग्रेजी संस्करण को संदर्भित किया जायेगा |